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नमस्ते दोस्तो मे गजवा ए हिन्द डॉट कॉम का होस्ट आपका स्वागत करता हु हमारी इस वैबसाइट पर, यहाँ आपको वो जानकारी मिलेंगी। जिनके बारे मे आपको कम ही सुनने को मिलता है। 

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इस वैबसाइट मे आपको गजवा ए हिन्द और इसी से रिलेटेट कुछ और टॉपिक की जानकारी मेलेंगी जो आपको इस विषय पर ज्यादा से ज्यादा विस्तार से दी जाएगी। इसके अलावा आपको मुस्लिम  धर्म को और गहराई से जानने के मौका मिलेगा। 

Gazwa-E-Hind.Com Ka Goal Kya Hai?

इस वैबसाइट के माध्यम से हम लोगो को इस टॉपिक की तरफ लाना चाहते है ताकि लोगो को इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो, हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है की आपको हम इस टॉपिक पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे सकें। 

Jay Shree Ram, Jay Hind, Vande Matram अखंड भारत की संकल्पना पूरी होगी। 


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Ghazwa-e-Hind

Ghazwa-e-Hind introduction नमस्ते दोस्तो स्वागत है आपका हमारे इस विशेष सीरीज Ghazwa-e-Hind में। जिसमें आज हम बात करने वाले है की गजवा-ए-हिन्द की शुरुआत कहाँ से हुई होगी और कौन इसका सूत्रधार रहा होगा।

और इससे भारत को क्या-क्या सहना पड़ा और कितना नुकसान हुआ। हम यह नहीं कहते की हमारे द्वरा बताई गई सभी बातें पूर्णतः सत्य है, हमने ये सारी जानकारी पुब्लिक डोमैन से रिसर्च की है।


दरअसल जब इस्लाम की शुरुआत हुई तब इसके संस्थापक के सामने एक बड़ी प्रोब्लेम आई वो थी इस्लाम को दूर-दूर तक फैलाना और इस्लाम के अनुयाई बनाना। तब इस्लाम के संस्थापक यानि अल्लाह के पेगम्बर हजरत मुहम्मद ने एक योजन बनाई।
 उन्होने अपने कुछ अनुयाईयों को अल्लाह का फरमान बताकर ये कहा की "तुम लोगो को अल्लाह का ये फरमान है की तुम लोग चार टोलियों मे अलग-अलग चार दिशाओं मे जाओगे , और इस्लाम का प्रचार पूरी दुनिया मे करना। इस्लाम का प्रचार अच्छी तरह से चल रहा था। लोग अपनी सहमति से इस्लाम से जुडने लगे।
और जो ऐसा नहीं कर रहे थे उन्हे बहलाने और जन्नत और नर्क की बातें बताकर डराया जा रहा था मगर इस्लाम से जुडने वालों की संख्या बहुत कम थी…

चमार या दलित नीच क्यों होते है? क्या सचमुच ये नीच है या फिर महान।

चमार ( दलितों ) को नीच क्यों समझा जाता है, और ब्राह्मण, ठाकुरों का इसमें क्या हाथ है? दोस्तो अगर आप चमार, वाल्मीकि या ऐसी किसी जाति से आते है जिसे दलित समाज कहा जाता है। तो आपके मन मे एक सवाल जरूर आया होगा की आखिर हमसे ( दलितों ) से ही क्यों समाज से सभी वो काम करवाए जाते है जिसे लोग नीच कार्य कहते है। और जिसके कारण लोग दलितों से छूआछुट करते है।
और दलितों की इस हालत का जिम्मेदार हमेशा से ठाकुरों और ब्राह्मण लोगो को बताया जाता है। मगर जब पूछा जाता है की ऊंची जाती वालों ने क्या जुल्म किए तो सिर्फ इतना सुनाई देता है की दलितो का शोषण किया। कैसे किया पता नहीं।

इसके आलवा वर्तमान मे वेद-पुराण को भी इसका जिम्मेदार बताया जा रहा है और इस वक्त देश मे जय भीम-जय मीम के नारे बुलंद किए जा रहे है। तो सच मे दलितो की इस हालत की जिम्मेदार हिन्दू समाज है , या कोई इतिहास की गलती या फिर कोई गौरवशाली इतिहास।



दलितों का दलित होना किसकी गलती है? या फिर ये खुद ही दलित बने।   इस बात को तो सभी जानते है की अंग्रेजों से पहले 1000 साल तक भारत पर मुसलमानो ने राज किया। और आज के दलितों के हिसाब से उन्होने दलितों के साथ क…

अमेरिका-ईरान की लड़ाई का भारत की तेल आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा कोई असर: इराकी राजदूत

अब्दुलसदा का बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका ने बगदाद हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला करके ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को पिछले हफ्ते मार दिया था।

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