डीजे या लाउडस्पीकर में साउंड लिमिटर नहीं लगा है तो दिल्ली में नहीं मिलेगी कार्यक्रम की अनुमति

नई दिल्ली (अखिलेश कुमार).दिल्ली में अब डीजे पर कानफोड़ू म्यूजिक और लाउडस्पीकर लगाकार आपको यूं ही कोई परेशान नहीं करेगा। रिहायशी इलाके में 55 डेसिबल, कॉमर्शियल में 65 और इंडस्ट्रीयल इलाके में 75 डेसिबल से ज्यादा शोर वाला लाडस्पीकर या डीजे लगाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ कार्यक्रम की अनुमति डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या सक्षम पुलिस अधिकारी, स्थानीय निकाय, डीडीए तभी देगा जब उस सिस्टम में साउंड लिमिटर लगा हो। यानी आने वाले विधानसभा चुनाव में नेताजी की भोंपू का शोर आपको परेशान नहीं करेगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री की मंजूरी से पर्यावरण विभाग के उप सचिव कौशल किशोर ने इस संंबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। -शेष | पेज 06 पर

क्या होता है साउंड लिमिटर
साउंड लिमिटर या नॉइस लिमिटर एक डिजिटल उपकरण है, जो उपकरण के माइक्रोफोन में फिट होता है। ये साउंड का प्रेशर नापता है जितने पर भी इसे फिक्स किया जाता है। एक निश्चित डेसीबल लॉगरिदमिक यूनिट (dB) पर पहुंचने पर रेड लाइट जलती है और अगर निर्धारित सेकेंड से ज्यादा देर तक रेड लाइट रहती है तो लिमिटर तुरंत संबंधित उपकरण की बिजली सप्लाई काट देता है।



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