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Ghazwa-e-Hind

Ghazwa-e-Hind introduction

नमस्ते दोस्तो स्वागत है आपका हमारे इस विशेष सीरीज Ghazwa-e-Hind में। जिसमें आज हम बात करने वाले है की गजवा-ए-हिन्द की शुरुआत कहाँ से हुई होगी और कौन इसका सूत्रधार रहा होगा।

और इससे भारत को क्या-क्या सहना पड़ा और कितना नुकसान हुआ। हम यह नहीं कहते की हमारे द्वरा बताई गई सभी बातें पूर्णतः सत्य है, हमने ये सारी जानकारी पुब्लिक डोमैन से रिसर्च की है।

Ghazwa-e-Hind

दरअसल जब इस्लाम की शुरुआत हुई तब इसके संस्थापक के सामने एक बड़ी प्रोब्लेम आई वो थी इस्लाम को दूर-दूर तक फैलाना और इस्लाम के अनुयाई बनाना। तब इस्लाम के संस्थापक यानि अल्लाह के पेगम्बर हजरत मुहम्मद ने एक योजन बनाई।

 उन्होने अपने कुछ अनुयाईयों को अल्लाह का फरमान बताकर ये कहा की "तुम लोगो को अल्लाह का ये फरमान है की तुम लोग चार टोलियों मे अलग-अलग चार दिशाओं मे जाओगे , और इस्लाम का प्रचार पूरी दुनिया मे करना। इस्लाम का प्रचार अच्छी तरह से चल रहा था। लोग अपनी सहमति से इस्लाम से जुडने लगे।

और जो ऐसा नहीं कर रहे थे उन्हे बहलाने और जन्नत और नर्क की बातें बताकर डराया जा रहा था मगर इस्लाम से जुडने वालों की संख्या बहुत कम थी। और हजरत मुहम्मद इसे पूरी दुनिया पर लागू करना चाहते थे।

और फिर हजरत मुहमद की नजर देवभूमि भारत पर पड़ी। उसने देखा की भारत का प्रभाव पूरी दुनिया पर है , तब उसके मन मे ख्याल आया की क्यों न पहले भारत पर ही इस्लाम का राज कायम किया जाए। इसके बाद पूरी दुनिया मे यह खुद ही फ़ेल जाएगा। 

मगर ये इतना आसान न था भारत के लोग इस्लाम से जुडने को तैयार नहीं हुये क्योंकि इस्लाम भारतीय धर्म के विपरीत था। उधर हजरत मुहम्मद को यह पूरा भरोसा हो चुका था की इस्लाम का पूरी दुनिया पर राज करने का सपना भारत से ही होकर जाता है। और फिर हुई 

Ghazwa-e-Hind की शुरुआत -

बहुत अथक प्रयाशों के बाद इस्लाम से जुड़े लोगो ने भारत के बारे मे जानकारी इक्कट्ठी की और यह पता लगाया की भारत के लोग बहुत सम्पन्न और विध्यवान है, तो आसानी से इन्हे मूर्ख नहीं बनाया जा सकता है। तो  फिर हजरत मुहम्मद और उसके चेलों ने खाड़ी के कुछ कबीलों और कुछ छोटे-छोटे राजाओ को भारत की धन दौलत का लालच देकर इस्लाम मे मिलाया और उनके द्वारा भारत मे आक्रमण किया। 

मगर वो सफल नहीं हो सके तो हजरत मुहम्मद ने Ghazwa-e-Hind थियोरी को जन्म दिया जिसके अनुसार जो भारत को जीतने मे अपनी जान देगा वो सीधे जन्नत जाएगे और जो जिंदा बच जाएगे उनसे अल्लाह खुद मिलेगे। और सभी को जन्नत मे 72 हूर मिलेंगी। इसके अलावा उन्हे वो सब भोग-विलाश का समान मिलेगा जो उन्हे चाहिए।

बस इसी लालच की वजह से सेकड़ों सालों तक भारत पर विफल आक्रमण हुये मगर फिर उन लोगो को सफलता मिली कुछ भारत के गद्दारो का साथ मिल जाने के कारण मगर भारत पर राज होने के बाद भी लोग इस्लाम को कबुल नहीं कर रहे थे।
 फिर जो हुआ वो रूह काँपा देने वाला था इन जल्लादों ने विरोध करने वाले परिवारों के मर्दों को बीच रास्ते गले काटे और उनकी औरतों को सरेराह हबस का शिकार बनाया।

यह सब यहीं रुका फिर उन औरतों की मंडी भी सजाई गई। मगर सबसे बड़ी बात की इतना सब होने के बाद भी आज तक ये नर्क के रक्षस भारत पर पूरी तरह इस्लाम लागू नहीं कर पाये।

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